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जशपुर के बारे में जानकारियाँ CG Jashpur information hindi

Cg Jashpur Chhattisgarh जशपुर जिला झारखंड और ओडिशा की सीमा के निकट भारत में छत्तीसगढ़ राज्य के उत्तर-पूर्वी कोने में स्थित है। जशपुर नगर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है। यह वर्तमान में लाल गलियारे का हिस्सा है। ब्रिटिश राज जशपुर शहर के दौरान पूर्वी राज्य एजेंसी के रियासतों में से एक जशपुर राज्य की राजधानी थी.

जशपुर जिला छत्तीसगढ़ के 27 जिलों में एक जिला है, जशपुर बिलासपुर मण्डल का जिला है और इसका मुख्यालय Jashpur जशपुर नगर में है। इस जिले में 3 उपमंडल है, 8 ब्लॉक या तहसील है, 766 गांव है जिनमे 417 ग्राम पंचायते भी है, 1 लोक सभा सीट है और 4 विधान सभा क्षेत्र है ।

जशपुर भारत में कहाँ पर है

Jashpur information hindi
Jashpur information hindi

जशपुर जिला भारत के राज्यो में दक्षिण पूर्व की तरफ की अंदर की तरफ स्थित छत्तीसगढ़ राज्य में है, जशपुर जिला छत्तीसगढ़ के उत्तर पूर्वी भाग का जिला है इसलिए इसका दक्षिण पूर्वी भाग उड़ीसा की सीमा से मिलता है, जशपुर 22 ° 90 ‘ उत्तर अक्षांश से 84 ° 15 ‘ तक पूर्वी देशांतर में स्थित है, जशपुर की समुद्रतल से ऊंचाई 753 मीटर है, जशपुर रायपुर से 455 किलोमीटर दक्षिण पूर्व की तरफ है और देश की राजधानी दिल्ली से 1209 किलोमीटर दक्षिण पूर्व की तरफ ही है।

जशपुर जिले का क्षेत्रफल 5,838 वर्ग किलोमीटर है, और 2011 की जनगणना के अनुसार जशपुर की जनसँख्या 851,669 और जनसँख्या घनत्व 150/km2 व्यक्ति [प्रति वर्ग किलोमीटर] है, जशपुर की साक्षरता 68.7 % है, महिला पुरुष अनुपात यहाँ पर 1004 महिलाये प्रति 1000 पुरुषो पर है, जिले की जनसँख्या विकासदर 2001 से 2011 के बीच 14.65 % रहा है।

आजादी से पहले जशपुर एक रियासत थी। इस क्षेत्र का इतिहास काफी अस्पष्ट है। स्थानीय द्वारा कहा गया है कि सबूत बताते हैं कि डोम राजवंश 18 वीं शताब्दी के मध्य तक क्षेत्र पर शासन कर रही थी। वर्तमान जाशपुर राज्य सुजन राय के संस्थापक ने आखिरी डोम शासक रायबन को हराया और मार दिया। ऐसा कहा जाता है कि पुरानी राजपूताना प्रांत में एक छोटे राज्य बंसवाड़ा, सुजान राय के कैस्टर का मूल स्थान था। उन्होंने सोनपुर में अपना शासन और राज्य स्थापित किया सुजन राय, सूर्यवंशी राजा के सबसे बड़े बेटे थे, गहरे जंगल में एक शिकार अभियान पर थे, उनके पिता (राजा) की मृत्यु हो गई थी।

इस अवसर की परंपरा और आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उनके छोटे भाई राज्याभिषेक थे, क्योंकि राजा के सिंहासन को खाली नहीं रखा जा सका, थोड़ी देर के लिए भी। शिकार अभियान से लौटने पर, सुजन राय को पेशकश की गई और सिंहासन के प्रभारी पदभार ग्रहण करने का अनुरोध किया गया। लेकिन वह एक संगासी होना पसंद किया और जंगल में ले गया। भटकते हुए वह खुदिया पहुंचे, डोम राज्य की राजधानी शिविर वहां उन्होंने पाया कि विषयों नाराज और डॉ राजा राजा रायबहर से असंतुष्ट थे और वे विद्रोह के कगार पर थे। सुजन राय ने लोकप्रिय विद्रोह का नेतृत्व किया, एक युद्ध में डोम राजा को हराया। अब, सुजन राय राजा बन गए और एक नया राज्य ‘जशपुर’ उनके द्वारा स्थापित किया गया था। आज का जशपुर शाही परिवार उस वंश का है।

जशपुर के पडोसी जिले Neighboring Districts of Jashpur

जशपुर के उत्तर में गुमला जिला है, पूर्व में सिमडेगा जिला है, दक्षिण पूर्व में उड़ीसा का जिला सुंदरगढ़ है, दक्षिण पश्चिम में रायगढ़ जिला और उत्तर पश्चिम में सुरगुजा जिला है ।

जशपुर जिले में कितनी तहसील है How many tehsils are there in Jashpur district?

जशपुर जिले में 8 ब्लॉक या तहसीलें है, इन 8 तहसीलों के नाम इस प्रकार से है 1. बगीचा 2. दुलदुला 3. फरसाबहार 4. जशपुर 5. कांसाबेल 6. कुनकुरी 7. मनोरा और 8. पथलगाओं, ग्रामो की संख्या के आधार पर बगीचा तहसील सबसे बड़ी है और दुलदुला तहसील सबसे छोटी तहसील है ।

जशपुर जिले में विधान सभा की सीटें Assembly constituencies in Jashpur District

जशपुर जिले में 4 विधान सभा सीट है, इस 4 विधान सभा क्षेत्रो के नाम इस प्रकार से है, इन 4 विधान सभा सीटों में १ विधान सभा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है पर १ सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षितं है।

जशपुर जिले में कितने गांव है How many villages are there in Jashpur district?

जशपुर जिले में 766 गांव है, इन 766 ग्रामो में 417 ग्रामो में ग्राम पंचायते है, जबकि शेष गांव जिनमे ग्राम पंचायत नहीं है उनको 766 में ही जोड़ दिया गया है, तहसील या ब्लॉक के साथ ग्रामो की कुछ संख्या इस प्रकार से है 1. बगीचा में 136 गाँव है, 2. दुलदुला में 63 गाँव है, 3. फरसाबहार में 98 गाँव है, 4. जशपुर में 98 गाँव है, 5. कांसाबेल में 61 गाँव है, 6. कुनकुरी में 81 गाँव है, 7. मनोरा में 96 गाँव है, 8. पथलगाओं में 106 गाँव है।

जशपुर का इतिहास History of Jashpur

जशपुर का इतिहास, कुछ ज्यादा प्राचीन नहीं है, इसका इतिहास कुछ इतना सा है की, ब्रिटिश कालीन भारत में जशपुर एक नगर था और तत्कालीन जशपुर रियासत की राजधानी था

जशपुर का भूगोल Geography of Jashpur

इस जिले की उत्तर-दक्षिण लंबाई लगभग 150 किमी है, और इसकी पूर्व-पश्चिम चौड़ाई लगभग 85 किमी है। इसका कुल क्षेत्रफल 6,205 वर्ग किमी है। यह 22 डिग्री 17 ‘और 23 डिग्री 15’ उत्तरी अक्षांश और 83 डिग्री 30 ‘और 84 डिग्री 24’ पूर्व रेखांश के बीच है। यह भौगोलिक रूप से दो हिस्सों में विभाजित है। उत्तरी पहाड़ी बेल्ट को ऊपरी घाट कहा जाता है। शेष, दक्षिणी भाग, निचघाट कहा जाता है.

छत्तीसगढ़ में स्थित जशपुर को भौगोलिक दृष्टि से दो भागों में बांटा जा सकता है। इसके उत्तरी भाग को ऊपर घाट और दक्षिणी भाग को नीचा घाट के नाम से जाना जाता है। प्राकृतिक रूप से जशपुर बहुत खूबसूरत है और पर्यटकों को बहुत पसंद आता है। पर्यटक इसके ऊपरी घाट में घने जंगल और पहाड़ व निचले घाट में हरे-भरे खेत देख सकते हैं। पर्यटकों को पहाड़ों और जंगलों की रोमंचक यात्रा व हरे-भरे खेतों में सैर करना बहुत पसंद आता है। जशपुर की अधिकतर जनसंख्या आदिवासी है और यह उराओं जाति से संबंधित हैं। इनका मुख्य काम-धंधा कृषि है।

जशपुर का जलवायु Climate of Jashpur

गर्मी के दौरान निचघाट में कुनकुरी सबसे गर्म क्षेत्र है और सर्दियों में ऊपरी घाट में पंडारापाठ सबसे ठंडा क्षेत्र है। यह जंगलों के बीच स्थित है। यह एक जंक्शन है, रायगढ़ से और अंबिकापुर या जशपुर से सभी लोगों को पहले पत्थलगांव पार करना होगा.

 जशपुर के आसपास घूमने वाली प्रमुख जगह / जशपुर पर्यटन Top places to visit near Jashpur / Jashpur Tourism

Jashpur जशपुर छत्तीसगढ़ का एक मुख्य जिला है। जशपुर पहाड़ों और जंगलों से घिरा हुआ है। इसका मुख्यालय जशपुर नगर है। जशपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से करीब 450 किलोमीटर दूर है। जशपुर सड़क माध्यम से सभी जिलों से अच्छी तरह से जुड़ा जुड़ा हुआ है। जशपुर उड़ीसा और झारखंड राज्य की सीमा पर स्थित है।

यहां पर आपको घूमने के लिए बहुत सारी जगह मिल जाती है। जशपुर में घूमने के लिए बहुत सारी जगह मौजूद है, चलिए जानते हैं, जशपुर में घूमने के लिए कौन-कौन सी जगह है।

चिरचिरी जलप्रपात जशपुर - Chirchiri Falls Jashpur

चिरचिरी जलप्रपात जशपुर का सबसे सुंदर जलप्रपात है। यह जलप्रपात बहुत ऊंचा है। यह जलप्रपात घने जंगलों में स्थित है। यह जलप्रपात कुनकुरी से करीब 25 किलोमीटर दूर है। आप यहां पर आकर बरसात के समय घूम सकते हैं, क्योंकि बरसात के समय जलप्रपात बहुत अच्छा लगता है और इस जलप्रपात में पानी की बहुत अधिक मात्रा होती है। यहां पर आप आकर नहाने का मजा ले सकते हैं।

चिरचिरी झरना जशपुर में भेलवटोली गांव में स्थित है। झरने के पास आप बाइक से आराम से आ सकते हैं। आपको कुछ दूरी तक पैदल चलना पड़ सकता है। यहां पर आपको हरे-भरे हरियाली से भरा माहौल देखने के लिए मिलता है। यह जंगल के अंदर स्थित है। यहां पर झरना चट्टानों से नीचे चट्टानों में गिरता है, जो बहुत ही सुंदर लगता है। यहां पर आप अपना Weekend वीकेंड बिताने के लिए आ सकते हैं। यहां पर बरसात के समय और ठंड के समय बहुत सारे लोग Visiter घूमने के लिए आते हैं। यह जशपुर शहर की घूमने लायक जगह है।

माता खुड़ियारानी धाम जशपुर - Mata Khudiyarani Dham Jashpur

माता खुड़ियारानी धाम जशपुर का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको गुफा देखने के लिए मिलती है। यह गुफा में बहुत अंधेरा रहता है। गुफा के अंदर माता खुड़ियारानी की मूर्ति के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको गुफा के अंदर झरना भी देखने के लिए मिलता है, जहां से पानी बहता रहता है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। माता खुड़ियारानी धाम घने जंगलों के बीच में स्थित है। इस जगह तक पहुंचने के लिए आपको ट्रैकिंग करनी पड़ती है। यहां पर बहुत सारे लोग माता के दर्शन करने के लिए आते हैं।

माता खुड़ियारानी धाम में आपको ऊंची ऊंची बड़ी चट्टाने देखने के लिए मिलती हैं और यहां पर आपको झरना देखने के लिए मिलता है। यहां पर गुफा देखने के लिए मिलती है। आपको इस गुफा के अंदर जाना पड़ता है और आप गुफा के अंदर जाएंगे, तो आपको माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर बहुत सारे लोग घूमने के लिए आते हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है।

यहां पर आप अपने फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। माता खुड़िया रानी की गुफा जशपुर में बगीचा तहसील में स्थित है। आप यहां पर आराम से पहुंच सकते हैं।

बादलखोल वन्यजीव अभ्यारण जशपुर - Badalkhol Wildlife Sanctuary Jashpur

बादलखोल वन्य जीव अभ्यारण जशपुर शहर का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। इस अभ्यारण में आपको बहुत सारे जंगली जानवर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको हिरण, चिंकारा, नीलगाय, सांभर, चौसिंगा, जंगली भालू, जंगली कुत्ते और भी बहुत सारे जंगली जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर आपको पौधों की विभिन्न तरह की प्रजातियां देखने के लिए मिलती हैं। यहां पर आपको मिश्रित वन देखने के लिए मिलता है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर घूमने के लिए और भी अन्य जगह है, जहां पर आपको बहुत आनंद आएगा। बादलखोल वन्य जीव अभ्यारण जशपुर से 90 किलोमीटर दूर है। आप यहां पर कार या बाइक से आ सकते हैं। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा।

दंगरी जलप्रपात जशपुर - Dangri Falls Jashpur

दंगरी जलप्रपात जशपुर शहर का एक सुंदर जलप्रपात है। यह जलप्रपात जंगल से घिरा हुआ है। यहां पर ऊंची ऊंची बड़ी-बड़ी चट्टानों से जलप्रपात बहता है। यहां पर जलप्रपात दो या तीन स्तरों में बहता है, जो बहुत ही सुंदर लगता है। यहां पर आपको पहुंचने के लिए ट्रैकिंग करनी पड़ती है। कम से कम 2 से 3 किलोमीटर यहां पर आपको ट्रैकिंग करनी पड़ती है। मगर जलप्रपात का दृश्य देखकर आपकी सारी थकान मिट जाएगी ।

दंगरी जलप्रपात बहुत ही सुंदर है। यह जलप्रपात करीब 300 फीट ऊंचा है। चारों तरफ आपको हरे भरे पेड़ पौधे देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर बरसात के समय आप आएंगे, तो आपको पानी की मात्रा बहुत ज्यादा देखने के लिए मिलती है। यह जलप्रपात बगीचा तहसील से करीब 29 किलोमीटर दूर है। आप यहां पर दो पहिया या चार पहिया वाहन से पहुंच सकते हैं।

गुल्लू जलप्रपात जशपुर - Gullu Falls Jashpur

गुल्लू जलप्रपात जशपुर शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह एक सुंदर जलप्रपात है। यह जलप्रपात ईब नदी पर बना हुआ है। यह जलप्रपात बादलखोल अभ्यारण में स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर एक बांध बना हुआ है, जहां पर बिजली बनाई जाती है। गुल्लू जलप्रपात बहुत सुंदर है और आप झरने के नीचे जा सकते हैं। यहां पर सीढ़ियां बनाई गई है, जिससे आप झरने के पास जा सकते हैं और वहां पर बहुत एंजॉय कर सकते हैं। यहां पर आपको बड़ी-बड़ी चट्टानें देखने के लिए मिलती हैं, जिनके बीच से जलप्रपात बहता है और बहुत सुंदर लगता है। आप यहां बरसात के समय आएंगे, तो आपको बहुत अच्छा लगेगा, क्योंकि बरसात में यहां पर हरियाली रहती है। आप यहां पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं।

रानी दाह जलप्रपात जशपुर - Rani Dah Falls Jashpur

रानी दाह जलप्रपात जशपुर शहर का एक मुख्य जलप्रपात है। यह जशपुर शहर का प्राकृतिक पर्यटन स्थल है। यह जलप्रपात जंगल के अंदर स्थित है। यह जलप्रपात चट्टानों के ऊपर से बहता है, जो बहुत ही सुंदर लगता है। जलप्रपात में नीचे की तरफ जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। यहां पर बहुत सारे वॉच टावर पर है, जहां से आप को झरने का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिल जाता है। आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। यह जशपुर से करीब 15 किलोमीटर दूर होगा।

श्री कैलाश गुफा जशपुर - Shri Kailash Cave Jashpur

श्री कैलाश गुफा जशपुर शहर का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। कैलाश गुफा में शिव जी का प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको बहुत सारे मूर्तियां देखने के लिए मिलती है, जो बहुत आकर्षक लगती है। यहां पर आपको शिव भगवान जी का एक बहुत बड़ा शिवलिंग देखने के लिए मिलता है, इसमें नाग देवता की मूर्ति देखने के लिए मिलती है और यह बहुत सुंदर लगती है। यहां पर आपको नंदी भगवान की भी बहुत बड़ी प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यह जगह जंगल में स्थित है और यहां हाथी विचरण करते रहते हैं। इसलिए यहां पर आपको सावधानीपूर्वक रहना पड़ता है। यहां पर आश्रम भी बना हुआ है। यहां पर परम पूज्य गहिरा गुरु जी महाराज की तपोभूमि भी है। यहां पर गुफा है और गुफा में साल भर 24 घंटे पानी गिरता रहता है। लोग इस पानी को बोतल में भरकर अपने घर में ले जाते हैं। यह बहुत शुद्ध पानी रहता है।

कैलाश गुफा प्राकृतिक वातावरण में स्थित है। यहां पर जंगल है। आपको यहां पर झरना भी देखने के लिए मिलता है। यह झरना बहुत सुंदर है। झरने में नहाने का मजा भी लिया जा सकता है। यहां पर बरसात के समय आना बहुत ही अच्छा रहता है, क्योंकि यहां पर चारों तरफ हरियाली रहती है। यहां पर बंदर भी आपको देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर सावन सोमवार और महाशिवरात्रि के समय बहुत बड़ा मेला लगता है, जिसमें आसपास शहरों के लोग शामिल होते हैं। यहां पर आप अपने फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। कैलाश गुफा जशपुर के देवदंड नाम के गांव में स्थित है। आप यहां पर गाड़ी या अन्य वाहन से आ सकते हैं।

चुरी जलप्रपात जशपुर - Churi Falls Jashpur

चुरी जलप्रपात जशपुर का एक सुंदर जलप्रपात है। यह जलप्रपात बादलखोल अभ्यारण में स्थित है। यह जलप्रपात घने जंगल के अंदर स्थित है और आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह जलप्रपात ईब नदी पर बना हुआ है। यहां पर पानी चट्टानों के ऊपर से बहता है, जो बहुत ही आकर्षक लगता है। आप यहां पर आकर पिकनिक मना सकते हैं।

राजपुरी जलप्रपात जशपुर - Rajpuri Falls Jashpur

राजपुरी जलप्रपात जशपुर शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। राजपुरी जलप्रपात घने जंगलों के अंदर स्थित है। इस जलप्रपात में पानी उची उची चट्टानों के बीच से बहता है, जो बहुत ही सुंदर लगता है। राजपुरी झरना जंगल के अंदर स्थित है। यहां पर पहुंचने के लिए अच्छी सड़क बनी हुई है। झरने में आपको पहुंचने के लिए नीचे उतरना पड़ता है और यहां पर सीढ़ियां बनी हुई है। झरने के पास पहुंच कर आपको बहुत ही सुंदर दृश्य देखने के लिए मिल जाता है। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं।

यहां पर बहुत सारे व्यूप्वाइंट है, जहां से आप जलप्रपात का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। यहां पर लोगों को सावधान करने के लिए बोर्ड लगा हुआ है, क्योंकि यहां पर 2011 में बहुत से लोगों की जान चली गई है। इसलिए यहां पर लोगों को झरने के पास चट्टानों के करीब जाने के लिए मना किया है। मगर झरने का दृश्य बहुत ही आकर्षक रहता है और यहां पर आकर आप अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। इस झरने के पास आपको प्राचीन शिव मंदिर भी देखने के लिए मिलता है। यह झरना जशपुर में बगीचा तहसील में स्थित है। यह जशपुर में देखने लायक जगह है।

श्री राम वनगमन मार्ग - लेखा पत्थर रेगले - Shri Ram Vanagaman Marg - Lekha Pathar Regle

श्री राम वन गमन मार्ग जशपुर का एक प्रमुख स्थल है। यह जशपुर का प्रमुख धार्मिक स्थल है। इस जगह के बारे में, कहा जाता है, कि श्री राम जी ने वनवास काल के दौरान इस जगह पर रात्रि विश्राम किया था। यहां पर आपको श्री राम जी, माता सीता जी लक्ष्मण जी के चित्र देखने के लिए मिल जाते हैं। यह जगह जंगल के बीच में स्थित है। यह जगह बगीचा तहसील से 10 किलोमीटर दूर है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं।

देश देखा पहाड़ जशपुर - Desh Dekha mountain Jashpur

देश देखा पहाड़ जशपुर शहर का एक मुख्य स्थल है। यह एक पहाड़ है। आप इस पहाड़ के ऊपर जा सकते हैं। इस पहाड़ से आपको चारों तरफ का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। शाम के समय यहां पर सूर्यास्त का नजारा देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही मनोरम रहता है। यहां पर आप बरसात के समय जाएंगे, तो आपको और अच्छा लगेगा। बरसात के समय यहां पर कई झरने देखने के लिए मिलते हैं और चारों तरफ हरियाली रहती है। आप यहां पर आकर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं।

कोतेबिरा शिव मंदिर जशपुर - Kotebira Shiva Temple Jashpur

कोतेबिरा शिव मंदिर जशपुर का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मंदिर शिव जी को समर्पित है। मंदिर में शिव भगवान जी की बहुत ही सुंदर प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको बहुत सुंदर प्राकृतिक दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको एक सुंदर सा जलप्रपात देखने के लिए मिलता है। आप यहां नहाने का भी मजा ले सकते हैं। बरसात के समय यह जगह और भी सुंदर हो जाती है, क्योंकि यहां पर चारों तरफ हरियाली रहती है।

कोतेबिरा शिव मंदिर जशपुर में फरसाबहार विकासखंड में स्थित है। आप यहां पर गाड़ी से पहुंच सकते हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर आपको ईब नदी का संगम स्थल देखने के लिए मिलता है। नदी के दूसरी तरफ एक और धार्मिक स्थल मौजूद है, जिसे कपाट द्वार के नाम से जाना जाता है। इस द्वार की भी अपनी एक प्रसिद्ध कहानी है। यहां पर आप आकर इन सभी जगह में घूम सकते हैं।

किलकिला शिव मंदिर जशपुर - Kilkila Shiva Temple Jashpur

किलकिला शिव मंदिर जशपुर शहर का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यह मंदिर किलकिला गांव में स्थित है। यह मंदिर जशपुर के पत्थलगॉव विकासखंड में स्थित है। मंदिर में आपको शिव भगवान जी की बहुत बड़ी प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां हनुमान जी की भी बहुत बड़ी प्रतिमा विराजमान है। गणेश जी की प्रतिमा भी आपको यहां देखने के लिए मिल जाती है। यहां पर राधा कृष्ण मंदिर, राम मंदिर भी बना हुआ है। यहां पर महाशिवरात्रि के समय बहुत बड़ा मेला लगता है और यह मेला कई दिनों तक लगता है। इस मेले में बहुत सारे लोग शामिल होते हैं। यहां की प्राकृतिक सुंदरता बहुत सुंदर है। यहां पर जो नदी बहती है। उसके किनारे घाट भी बना हुआ है, जहां पर आप नहा सकते हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है।

Kailash Gufa / कैलाश गुफ़ा छत्तीसगढ़ के जशपुर ज़िले में अम्बिकापुर में स्थित है। कैलाश गुफ़ा के पास समरबार संस्कृत महाविद्यालय है, जो बहुत ही ख़ूबसूरत हैं। कैलाश गुफ़ा का निर्माण पहाड़ियों को काटकर बडी ही ख़ूबसूरती के साथ किया गया है। गुफ़ा के पास मीठे पानी की जलधारा है। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां मेला भी आयोजित किया जाता है। कैलाश गुफ़ा के प्रमुख आकर्षण प्रभु शिव, पार्वती, यज्ञ मंडप, संस्कृत महाविद्यालय, गहिर गुरु आश्रम आदि के मंदिर हैं।

कैलाश गुफ़ा, जशपुर छत्तीसगढ़ | Kailash Gufa Information in Hindi

कैलाश गुफ़ा का इतिहास और जानकारी Kailash Gufa Jashpur Chhattisgarh in Hindi
अम्बिकापुर नगर से पूर्व दिशा में 60 किलोमीटर पर स्थित सामरबार नामक स्थान है, जहां पर प्राकृतिक वन सुषमा के बीच कैलाश गुफा स्थित है। इसे परम पूज्य संत रामेश्वर गहिरा गुरू जी नें पहाडी चटटानो को तराशंकर निर्मित करवाया है।

इस गुफा की सबसे बड़ी खास बात यह है की इस गुफा के अन्दर सालभर पानी की धारा बहती रहती है जबकि गुफा के ऊपर कोई भी पानी श्रोत नही है अक्सर ऐसा होता है की जो भी यंहा पूजा करने आता है थोडा बहुत जरूर यंहा की पानी से भीग जाता है।

कैलाश गुफा को छोटा बाबा धाम भी कहा जाता है क्योंकि यहा हर साल सावन के महीने पुरे महीने मेला लगा रहता है और आस पास के सभी श्रद्धालु कावर ले कर पैदल यात्रा कर के भगवन शिव को जल चढ़ाने आते है। यहा पर सावन महीने के चारो सोमवार को अलग अलग तरफ के लोग आते है।

यह गुफा प्राचीन काल से स्थित है लेकिन उस वक़्त यंहा घन घोर जंगल होने की वजह से जंगली जीव जंतु होने की वजह से इसका किसी को पता नही था। इस गुफा में पहले शेर होता था ऐसा बताया जाता है। सन 1985 के लगभग श्री रामेश्वर गहिरा गुरु जी ने इस गुफा की खोज की वंहा उन्होंने कई वर्षो तक तपस्या भी किया था।

श्री रामेश्वर गहिरा गुरु जी एक दिव्या शक्ति वाले ब्यक्ति थे उन्हें आज भी लोग पूजते हैं। गहिरा गुरु जी और उनके कुछ साथियों ने इस गुफा को बाद में सुधर कर के लोगो के आने जाने के लायक बनाया ताकी लोग भगवान शिव की पूजा करने आसानी से आ सके, इस जगह पर दो शिव लिंग है एक एक गुफा के उपर जिसे बुढा शिव कहते है बुढा शिव की लगभग 15 से 20 फिट लम्बी है और इसी की ठीक निचे गुफा के अन्दर एक शिव लिंग है जन्हा पर गहिरा गुरु जी ने तप किया था।

कैथ्रेडल ऑफ आवर लेडी ऑफ द रोसरी जशपुर - Cathedral of Our Lady of the Rosary Jashpur

कैथ्रेडल ऑफ आवर लेडी ऑफ द रोसरी जशपुर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह जशपुर शहर का सबसे बड़ा और सुंदर चर्च है। यह चर्च एशिया का दूसरा सबसे बड़ा चर्च है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। यह बहुत सुंदर तरीके से बना हुआ है और बाहर बहुत बड़ा गार्डन बना हुआ है। यहां पर पार्किंग के लिए भी अच्छी जगह है। आप यहां पर आकर प्रार्थना कर सकते हैं। क्रिसमस के समय यह चर्च बहुत ही सुंदर तरीके से सजाया जाता है और बहुत दूर-दूर से लोग यहां पर घूमने के लिए आते हैं। यह जसपुर के कुनकुरी में स्थित है।

दनगरी झरना

जशपुर के जंगलों में स्थित दनगरी झरना बहुत खूबसूरत है। जंगलों की सैर के दौरान पर्यटक इस झरने के खूबसूरत दृश्य देख सकते हैं। यह झरना जशपुर से मात्र दो घंटे की दूरी पर है।

आवागमन वायु मार्ग

पर्यटकों की सुविधा के लिए छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हवाई अड्डे का निर्माण किया गया है। यहां से पर्यटक बसों व टैक्सियों द्वारा आसानी से 450 किमी दूर जशपुर तक पहुंच सकते हैं।

कोटेबिरा एब नदी

जशपुर की कोटेबिरा एब नदी बहुत खूबसूरत है। पर्यटकों को बहुत पसंद आती है। इसके पास ही एक खूबसूरत पहाड़ी है। दूर से देखने पर यह पहाड़ी अधूरे बांध की तरह दिखाई देती है। स्थानीय कथाओं के अनुसार यह माना जाता है कि एक बार यहां एक देव प्रकट हुए थे और उन्हें यह नदी बहुत पसंद आई। उन्होंने इस नदी की सुन्दरता को बढ़ाने के लिए इस पर एक रात में बांध बनाने का प्रयास किया, लेकिन यह प्रयास पूरा नहीं हो पाया और बांध अधूरा ही रह गया। नदी के पास ही हर वर्ष भव्य मेले का आयोजन भी किया जाता है। इस मेले में पर्यटक जशपुर की परंपराओं और संस्कृति की शानदार झलक देख सकते हैं।

महागिरजा घर कुनकुरी

एशिया का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण चर्च महागिरिजाघर जशपुर में स्थित है। इसका निर्माण 1962 ई. में आरम्भ हुआ था और श्रद्धालुओं के लिए इसे 27 अक्टूबर 1979 ई. को खोला गया था। इस चर्च में लोहे के सात पवित्र चिन्ह भी बने हुए हैं, जो पर्यटकों को बहुत पसंद आते हैं। स्थानीय लोगों में इस चर्च के प्रति बड़ी श्रद्धा है और वह पूजा करने के लिए प्रतिदिन यहां आते हैं। यह चर्च बड़ा खूबसूरत है। इसकी सुन्दरता को निहारने के लिए पर्यटक यहां आते हैं और इसके खूबसूरत दृश्यों को अपने कैमर में कैद करके ले जाते हैं।

 

 

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