Thursday, 25 July 2019

Chhattisgarh's | Write Article and Get Paid | Earn 5 doller Simple Way

Chhattisgarh's | Write Article and Get Paid | 
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Sunday, 21 July 2019

Chhattisgarh RTO ( Regional Transport Office ) Detail

Chhattisgarh's
RTO ( Regional Transport Office ) Detail's

Rto No. of Cg chhattisgarh.xyz
Rto No. of Cg chhattisgarh.xyz


RTO:- Regional Transport Office / Road Transport Office.
 The Regional Transport Officer Is The Chief Of The Regional Transport office of A Particular Area Of Distric.
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी डिस्ट्रिक के एक विशेष क्षेत्र के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के प्रमुख हैं। 

Chhattisgarh (CG) - Vehicle Registration (RTO) Codes  


🚙Vehicle RTO Codes🛵👉District / Region👈
CG-01Governor of Chattisgarh
CG-02Government of Chhattisgarh
CG-03Chattisgarh Police
CG-04Raipur
CG-05Dhamtari
CG-06Mahasamund
CG-07Durg
CG-08Rajnandgaon
CG-09Kawardha
CG-10Bilaspur
CG-11Janjgir-Champa
CG-12Korba
CG-13Raigarh
CG-14Jashpur
CG-15Sarguja
CG-16Koriya
CG-17Jagdalpur
CG-18Dantewada
CG-19Kanker
CG-20Bijapur
CG-21Narayanpur
CG-22Baloda Bazar
CG-23Gariaband
CG-24Balod
CG-25Bemetara
CG-26Sukma
CG-27Kondagaon
CG-28Mungeli
CG-29Surajpur
CG-30Balrampur

Friday, 19 July 2019

Chhattisgarh's Knowledge

Chhattisgarh's Knowledge 

chhattisgarh.xyz
chhattisgarh.xyz
Basic Fact Of Chhattisgarh's 

 राजधानी  - रायपुर 
अधिकारिक भाषा  - हिंदी 

क्षेत्रीय भाषा  - छत्तीसगढ़ी 

क्षेत्रफल    - १.३५.१९८ km(2) ( १०वा ) _1.35.198km(squre) ( 10va)
जनसंख्या -  २.७९.२८.०१५  ( १७वा )   _ 2.79.28.015 ( 17va)

साक्षरता दर - ७१ प्रतिशत
जिले - २७ 

विधानसभा सीटें - ९० 
लोकसभा सीटें - ११ 

राज्यसभा सीटे - ५
स्थापना  - १ नवम्बर सन २००० 

पहले मुख्यमंत्री  - श्री अजित जोगी जी
पहला राज्यपाल - डीएन सहाए  

छत्तीसगढ़ का इतिहास

छत्तीसगढ़ का पहले नाम दक्षिण कोशल था और इसका इतिहास 4 शताब्दी ईस्वी तक पुराना है। इसका पौराणिक इतिहास रामायण और महाभारत काल तक से जुड़ा है। हैहय राजवंश ने छत्तीसगढ़ पर 14वीं सदी के आसपास लगभग छह सदियों तक राज किया। मध्य युग में चालुक्य साम्राज्य ने खुद को बस्तर में स्थापित किया। अन्नमदेव नाम के पहले चालुक्य शासक थे, जिन्होंने सन् 1320 में बस्तर में राजवंश स्थापित किया। सन् 1741 में मराठों ने हैहय शासकों से यह राजवंश छीन लिया। मराठों ने राज्य जीतने के बाद वर्ष 1745 में रतनपुर घराने के अंतिम वंशज रघुनाथ सिंह जी को क्षेत्र छोड़ने पर मजबूर किया। आखिरकार सन् 1758 में मराठों ने छत्तीसगढ़ पर विजय हासिल की और बिंबाजी भोंसले को शासक घोषित किया गया। बिंबाजी भोंसले के देहांत के बाद मराठों ने सूबा प्रणाली का पालन करना शुरु कर दिया। यह वो दौर था जब सब तरफ अशांति और कुशासन था।
मराठा सेना ने तब बड़े पैमाने पर लूट पाट की थी।

छत्तीसगढ़ के बारे में

मध्य प्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ 1 नवंबर 2000 को भारत का एक नया राज्य बना। छत्तीसगढ़ का कुल क्षेत्र 135,191 वर्ग किमी है जो कि मध्य प्रदेश का सिर्फ 30 प्रतिशत है। इस नए राज्य की मांग सन् 1924 में रायपुर जिला कांग्रेस की बैठक से उठी थी, जहां अलग छत्तीसगढ़ राज्य बनाने का विचार रखा गया था। इस बैठक में आए नेताओं का विचार था कि छत्तीसगढ़ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रुप से मध्य प्रदेश से बहुत अलग है।
इस राज्य की राजधानी रायपुर है और इसका उच्च न्यायालय बिलासपुर में है। छत्तीसगढ़ में कुल 27 जिले हैं।
छत्तीसगढ़ की विधान सभा में 90 सदस्य हैं। इस राज्य से 11 सदस्य लोक सभा और पांच सदस्य राज्य सभा में जाते हैं।


इतिहास और भूगोल

मध्‍य प्रदेश का हिस्‍सा निकालकर बनाया गया यह राज्‍य भारतीय संघ के 26 वें राज्‍य के रूप में 1 नवंबर 2000 को अस्तित्‍व में आया। यह राज्‍य यहां के आदिवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है। प्राचीनकाल में इस क्षेत्र को दक्षिण कोशल के नाम से जाना जाता था। इस क्षेत्र का उल्‍लेख रामायण और महाभारत में भी मिलता है। छठी और बारहवीं शताब्दियों के बीच सरभपूरिया, पांडुवंशी, सोमवंशी, कलचुरी और नागवंशी शासकों ने इस क्षेत्र पर शासन किया। कलचुरियों ने छत्‍तीसगढ़ पर सन 980 से लेकर 1791 तक राज किया। सन 1854 में अंग्रजों के आक्रमण के बाद ब्रिटिश शासनकाल में राजधानी रतनगढ़ के बजाय रायपुर का महत्‍व बढ़ गया। सन 1904 में संबलपुर, ओडिशा में चला गया और सरगुजा रियासत बंगाल से छत्‍तीसगढ़ के पास आ गई।
छत्‍तीसगढ़ पूर्व में दक्षिणी झारखंड और ओडिशा से, पश्चिम में मध्‍य प्रदेश और महाराष्‍ट्र से, उत्‍तर प्रदेश और पश्चिम में झारखंड से और दक्षिण में आंध्र प्रदेश से घिरा है। छत्‍तीसगढ़ क्षेत्रफल के हिसाब से देश का नौवां बड़ा राज्‍य है और जनसंख्‍या की दृष्टि से इसका 17वां स्‍थान है।

भाषा

छत्तीसगढ़ की आधिकारिक भाषा हिंदी है। हालांकि राज्य की ज्यादातर आबादी छत्तीसगढ़ी बोलती है जो कि हिंदी की ही बोली है। छत्तीसगढ़ी भाषा की कई विशेषताएं हैं और इसकी शब्दावली मुंडा और द्रविड़ीयन से ली गई है। राज्य में कुछ लोग तेलगु भी बोलते हैं। उडि़या, भोजपुरी और कोसाली भी राज्य के कुछ भागों में बोली जाती है।

वन्यजीव अभयारण्य

छत्तीसगढ़ के वन्यजीव अभयारण्यों की वजह से यह भारत का महत्वपूर्ण पयर्टन केन्द्र है। छत्तीसगढ़ में तीन राष्ट्रीय उद्यान और 11 वन्यजीव अभयारण्य हैं, जो इसे अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता देते हैं और वनस्पतियों से समृद्ध बनाते हैं। इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान छत्तीसगढ़ का सबसे प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान है। यहां कई वन्यजीव अभयारण्य हैं, जैसे बरनावपारा वन्यजीव अभयारण्य, तैमूर पिंगला, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, पेम्ड, संजय राष्ट्रीय उद्यान, सेमरसोत, सीतानाड़ी वन्यजीव अभयारण्य, उदंति वन्यजीव अभयारण्य, अचानकुमार वन्यजीव अभयारण्य, बादलखोल, भैरामगढ़, गोमर्दा वन्यजीव अभयारण्य आदि।

छत्तीसगढ़ राज्य के पैलेस – Chhattisgarh Palace

छत्तीसगढ़ राज्य में बहुत से पैलेस देखने मिलते है। छत्तीसगढ़ राज्य के प्रसिद्ध पैलेस निम्न है – पैलेस कवर्धा, बस्तर पैलेस, कवर्धा कंकर पैलेस।

छत्तीसगढ़ राज्य के मंदिर – Chhattisgarh state temples

प्राचीन समय में छत्तीसगढ़ को दक्षिण कोशल के नाम से जाना जाता था, जिसका उल्लेख रामायण और महाभारत दोनों में किया गया है। समय के साथ-साथ इस क्षेत्र पर हिन्दू साम्राज्यों ने राज किया और बहुत से मंदिरों का भी निर्माण किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्य मंदिर निम्न है:
जांजगीर चंपा मदनपुरगढ़ देवी मंदिर, लक्ष्मण मंदिर और गंधेश्वर मंदिर, सिरपुर बारसूर दंतेश्वरी मंदिर, सुरगुज शंकर मंदिर, दंतेवाड़ा शिवानी मंदिर, कंकर चंडी मंदिर, डोंगरगढ़ महामाया मंदिर, सुरगुज कुंदर्गढ़, दीपदिह, सुरगुज विष्णु मंदिर, जांजगीर चंपा पिथमपुर शिव मंदिर, जांजगीर चंपा घटादै (पाहरिया) त्रिपुर सुंदर देवी, जांजगीर चंपा शिवरीनारायण लक्ष्मीनारायण मंदिर, जांजगीर चंपा खरुद नगर लक्ष्मनेश्वर मंदिर, जांजगीर चंपा तुर्रिधाम शिव मंदिर, जांजगीर चंपा अद्भर अष्टभुजी मंदिर, जांजगीर चंपा चन्द्रहसिनी देवी मंदिर, जांजगीर चंपा गंगा माझ्या मंदिर, रतनपुर मल्ल्हार का दुर्ग मंदिर।

छत्तीसगढ़ में पर्यटन के आकर्षण केन्द्र



चित्रकोट झरनाः
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले का चित्रकोट झरना प्रमुख आकर्षण का केन्द्र है। झरने की लंबाई 29 मीटर है। इसकी मुख्य बात यह है कि इसके पानी का रंग हर मौसम में बदलता है।

कांकेर
कांकेर छत्तीसगढ़ के ताज का खरा रत्न है। कांकेर एक निराला पुराना शहर है जिसमें अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता है। यह शहर लगभग 1,000 साल पुराना है। देश भर से लोग इस शहर के सुंदर जंगल, झरने और प्राकृतिक सुंदरता देखने आते हैं। कांकेर में एक प्राचीन महल भी है जो कि एक समय में यहां के राजघराने का था।

भोरमादेव
खजुराहो से अपनी समानता के लिए इसे छत्तीसगढ़ का खजुराहो भी कहा जाता है। भोरमादेव मंदिर राज्य के कबीरधाम जिले में है। यह एक शिव मंदिर है और बाहरी भाग में मूर्तियों की सुंदर नक्काशी है।

गर्म पानी का झरना - तात पानी
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में तात पानी नाम का गर्म झरना है। माना जाता है कि इस झरने में कई औषधीय गुण हैं और यह सालभर बहता है।

छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्य उत्सव – Chief Festival of Chhattisgarh State
  • रतनपुर मेला
  • बस्तर दशहरा / दुर्गा पूजा
  • गोवर्धन पूजा
  • बस्तर लोकोत्सव
  • मंदी महोत्सव
  • राजिम कुम्भ मेला
  • पखंजोर मेला (नर नारायण मेला)
  • शिवरीनारायण मेला
  • सीहवा मेला
  • गिरोधपुरी मेला
  • सिरपुर महोत्सव
  • पोला
  • नोवाखई
  • दामखेडा मेला

सिंचाई और बिजली

जब यह राज्‍य अस्तित्‍व में आया, तब इसकी कुल सिंचाई क्षमता 13.28 लाख हेक्‍टेयर थी जो बढ़कर 18.09 लाख हेक्‍टेयर हो गई है। पूरी हो चुकी मुख्‍य परियोजनाएं है: तांदुला, कोडर और पेयरी।

खनिज संसाधन

छत्‍तीसगढ़ में आग्‍नेय, कायांतरित और तलछटी क्षेत्रों में अनेक प्रकार के खनिज पाए जाते हैं। कोयला, कच्‍चा लोहा, चूना पत्‍थर, बॉक्‍साइट, डोलोमाइट तथा टिन के विशाल भंडार राज्‍य के विभिन्‍न हिस्‍सों में फैले हुए हैं। रायपुर जिले में हाल ही में पहचाने गए डाइमंडीफैरस किंबरलाइट्स में से काफी मात्रा में हीरा प्राप्‍त किया जा सकता है। इसके अलावा सोना, आधार धातुओं, बिल्‍लौरी पत्‍थर, चिकना पत्‍थर, सेटाइट, फ्लोराइट, कोरंडम, ग्रेफाइट, लेपिडोलाइट, उचित आकार की एम्‍लीगोनाइट के विशाल भंडार मिलने की संभावना है। राज्‍य में देश के 20 प्र‍तिशत इस्‍पात और सीमेंट का उत्‍पादन किया जाता है। कच्‍चे टिन का उत्‍पादन करने वाला यह देश का एकमात्र राज्‍य है। यहां खनिज संसाधनों से उत्‍खनन, खनिज आधारित उद्योग लगाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की अपार क्षमता है। छत्‍तीसगढ़ में विश्‍व का सबसे अधिक किंबरलाइट भंडार क्षेत्र है। आठ ब्‍लॉकों में हीरे की संभावना का पता लगाने के लिए पहचान की गई है। हीरे के अलावा सोने की संभावना के लिए चार तथा आधार धातुओं के लिए पांच ब्‍लॉक चिन्हित किए गए हैं।


 Source - internet